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पंचमुखी हनुमान पीतल की मूर्ति - घर के मंदिर और पूजा के लिए मूल 5 मुख वाली हनुमान प्रतिमा

पंचमुखी हनुमान पीतल की मूर्ति - घर के मंदिर और पूजा के लिए मूल 5 मुख वाली हनुमान प्रतिमा

नियमित रूप से मूल्य Rs. 999.00
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🕉️ दिव्य पंचमुखी हनुमान पीतल की मूर्ति - परम रक्षक

हमारी उत्कृष्ट रूप से निर्मित पीतल की प्रतिमा के साथ भगवान पंचमुखी हनुमान जी की सर्वोच्च सुरक्षा और आशीर्वाद को अपने घर में आमंत्रित करें। हनुमान जी की यह पवित्र पंचमुखी प्रतिमा उनके पांच दिव्य रूपों का प्रतिनिधित्व करती है और नकारात्मक ऊर्जाओं, बुरी आत्माओं, काले जादू और जीवन की सभी बाधाओं से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करती है।

घर, मंदिर में पूजा और सुरक्षा के लिए पंचमुखी हनुमान की पीतल की बनी पांच मुखी प्रतिमा।

✨ पंचमुखी हनुमान क्या हैं?

पंचमुखी हनुमान का अर्थ है "पांच मुख वाले हनुमान" – भगवान हनुमान का एक शक्तिशाली रूप जिसमें पांच दिव्य मुख हैं जो विभिन्न देवताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह दुर्लभ और पवित्र रूप तब प्रकट हुआ जब हनुमान जी ने रामायण युद्ध के दौरान भगवान राम और लक्ष्मण को अहिरावण (पाताल के राक्षस राजा) के चंगुल से बचाया था।

ये पाँच चेहरे इस प्रकार हैं:

  • पूर्वमुखी (हनुमान): साहस, शक्ति और विजय प्रदान करता है।
  • दक्षिणमुखी (नरसिम्हा): भय दूर करता है और शत्रुओं का नाश करता है।
  • पश्चिम दिशा (गरुड़): काले जादू और बुरी आत्माओं से रक्षा करता है
  • उत्तर दिशा (वराह): समृद्धि लाता है और बाधाओं को दूर करता है।
  • ऊपर की ओर मुख (हयग्रीव): ज्ञान और बुद्धि प्रदान करता है
उच्च गुणवत्ता वाली पंचमुखी हनुमान पीतल की मूर्ति, जिसमें पांच दिव्य मुख हैं, आध्यात्मिक सुरक्षा प्रदान करती है।

🌟 पंचमुखी हनुमान प्रतिमा के आध्यात्मिक लाभ

  • पूर्ण सुरक्षा: आपके घर और परिवार को नकारात्मक ऊर्जाओं, बुरी नज़र, काले जादू और अलौकिक खतरों से बचाता है।
  • सभी बाधाओं को दूर करता है: करियर, व्यवसाय, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन में आने वाली रुकावटों को दूर करता है
  • शत्रुओं का नाश करता है: छिपे हुए शत्रुओं, ईर्ष्या और षड्यंत्रों से रक्षा करता है।
  • साहस और शक्ति प्रदान करता है: जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक शक्ति का निर्माण करता है।
  • सफलता दिलाता है: सभी प्रयासों, प्रतियोगिताओं और कानूनी मामलों में विजय सुनिश्चित करता है।
  • बुद्धि बढ़ाता है: एकाग्रता, स्मृति और आध्यात्मिक ज्ञान में सुधार करता है।
  • समृद्धि को आकर्षित करता है: धन, समृद्धि और भौतिक सुख-सुविधाओं को आमंत्रित करता है।
  • आध्यात्मिक विकास: भक्ति को गहरा करता है और आध्यात्मिक प्रगति को गति देता है।
  • स्वास्थ्य लाभ: घावों को भरने में मदद करता है और बीमारियों से बचाता है
  • पारिवारिक सामंजस्य: घर में शांति, प्रेम और एकता का निर्माण करता है।

🔮 पंचमुखी हनुमान की मूर्ति घर में किसे रखनी चाहिए?

पंचमुखी हनुमान पीतल की मूर्ति इसके लिए आदर्श है:

  • नकारात्मक ऊर्जाओं से पूर्ण सुरक्षा चाहने वाले परिवार
  • बाधाओं, शत्रुओं या कानूनी समस्याओं का सामना करने वाले व्यक्ति
  • व्यवसाय के मालिक जो सफलता और विकास चाहते हैं
  • ज्ञान, एकाग्रता और अकादमिक उत्कृष्टता की तलाश करने वाले छात्र
  • जो लोग भय, चिंता या आत्मविश्वास की कमी का अनुभव कर रहे हैं
  • भगवान हनुमान और भगवान राम के भक्त
  • जो कोई भी अपने घर से वास्तु दोष दूर करना चाहता है
  • स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों या दीर्घकालिक बीमारियों का सामना कर रहे लोग
  • भक्ति के मार्ग पर चलने वाले आध्यात्मिक साधक

📿 पंचमुखी हनुमान मूर्ति की पूजा कैसे करें

सर्वोत्तम दिशा: मूर्ति का मुख दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखें।
स्थापना के लिए सर्वोत्तम दिन: मंगलवार (मंगलवार) या शनिवार (शनिवार)
सबसे उपयुक्त समय: सूर्योदय के समय सुबह या सूर्यास्त के समय शाम
मुख्य मंत्र: ''ओम हनुमते नमः'' या हनुमान चालीसा
चढ़ावे में शामिल सामग्री: लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल, पान के पत्ते, मिठाई (लड्डू)

दैनिक पूजा विधि:

  1. मूर्ति और पूजा स्थल को पानी से साफ करें।
  2. घी या तिल के तेल से दीया जलाएं
  3. मूर्ति पर लाल फूल चढ़ाएं और सिंदूर लगाएं।
  4. ''ओम हनुमते नमः'' का 108 बार जाप करें या हनुमान चालीसा का पाठ करें
  5. प्रसाद (लड्डू या गुड़ जैसी मिठाई) अर्पित करें।
  6. कपूर से आरती करें
  7. सुरक्षा, शक्ति और आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करें।

मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा: विशेष प्रार्थना करें, रामायण से सुंदरकांड पढ़ें और भक्तों को प्रसाद वितरित करें।

✅ RamKart की पंचमुखी हनुमान पीतल की मूर्ति क्यों चुनें?

  • प्रीमियम पीतल की गुणवत्ता: उच्च श्रेणी के ठोस पीतल से निर्मित, उत्कृष्ट फिनिश और टिकाऊपन के साथ।
  • प्रामाणिक डिज़ाइन: पाँचों दिव्य चेहरों का सटीक चित्रण करते हुए पारंपरिक प्रतिमा-कला।
  • उत्कृष्ट शिल्प कौशल: कुशल कारीगरों द्वारा जटिल बारीकियों के साथ हाथ से तैयार किया गया।
  • सही आकार: घर के मंदिर, ऑफिस डेस्क या पूजा कक्ष के लिए आदर्श आयाम।
  • पूर्व-ऊर्जावान: तत्काल आध्यात्मिक लाभ के लिए वैदिक मंत्रों से अभिमंत्रित
  • टिकाऊ: जंग-प्रतिरोधी पीतल जो पीढ़ियों तक अपनी सुंदरता बनाए रखता है
  • मुफ़्त शिपिंग: सुरक्षित पैकेजिंग के साथ पूरे भारत में सुरक्षित डिलीवरी।
  • पूजा मार्गदर्शिका शामिल है: स्थापना और दैनिक पूजा के लिए संपूर्ण निर्देश।
  • विश्वसनीय गुणवत्ता: भारत भर में हजारों संतुष्ट भक्त

🌿 देखभाल और रखरखाव के निर्देश

  • मूर्ति को सप्ताह में एक बार मुलायम सूती कपड़े से साफ करें।
  • गहरी सफाई के लिए, नींबू के रस और बेकिंग सोडा का मिश्रण इस्तेमाल करें, फिर पानी से धो लें।
  • सफाई के बाद पानी के धब्बे पड़ने से बचाने के लिए इसे अच्छी तरह सुखा लें।
  • चमक बनाए रखने के लिए महीने में एक बार नारियल तेल या पीतल पॉलिश की पतली परत लगाएं।
  • कठोर रसायनों या अपघर्षक क्लीनर का प्रयोग करने से बचें।
  • इसे साफ हाथों और लगन से संभालें।
  • इसे साफ-सुथरे, पवित्र स्थान पर, स्नानघरों या अपवित्र क्षेत्रों से दूर रखें।

🕉️ वास्तु एवं स्थान निर्धारण संबंधी दिशानिर्देश

सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट स्थान:

  • घर का मंदिर/पूजा कक्ष: दक्षिण की ओर मुख वाला पूर्व या उत्तर-पूर्व कोना
  • बैठक कक्ष: पूर्वी दीवार या उत्तर-पूर्वी कोना
  • कार्यालय/दुकान: स्वागत क्षेत्र या मुख्य प्रवेश द्वार जो अंदर की ओर खुलता हो
  • शयनकक्ष: पूर्व या दक्षिण की दीवार (यदि संभव हो तो शयनकक्ष में रखने से बचें)

वास्तु संबंधी सुझाव:

  • मूर्ति को कभी भी ज़मीन पर न रखें – इसके लिए एक साफ चबूतरे या वेदी का उपयोग करें।
  • सुनिश्चित करें कि मूर्ति आंखों के स्तर पर या उससे थोड़ी ऊपर हो।
  • क्षेत्र को साफ-सुथरा और अव्यवस्था मुक्त रखें।
  • इसे बाथरूम के पास या सीढ़ियों के नीचे रखने से बचें।
  • अधिकतम सुरक्षा के लिए मूर्ति का मुख मुख्य द्वार की ओर रखें।

🔱पंचमुखी हनुमान की कथा

रामायण के महाकाव्य युद्ध के दौरान, राक्षस राजा अहिरावण (रावण का भाई) ने भगवान राम और लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पाताल लोक ले गया। उन्हें छुड़ाने के लिए हनुमान जी को एक साथ पांच अलग-अलग दिशाओं में जल रहे पांच दीपों को बुझाना पड़ा - जो केवल अहिरावण को मारकर ही संभव हो सकता था।

इस असंभव कार्य को पूरा करने के लिए हनुमान जी ने पंचमुखी रूप धारण किया, जिसमें पाँचों दिव्य शक्तियों का समावेश था। इस सर्वोच्च रूप से उन्होंने एक ही बार में पाँचों दीपों को बुझा दिया, अहिरावण को पराजित किया और भगवान राम और लक्ष्मण को बचाया। यह रूप रक्षा और बुराई पर विजय की परम शक्ति का प्रतीक है।

💎 उत्पाद विनिर्देश

सामग्री प्रीमियम सॉलिड ब्रास
देव पंचमुखी हनुमान (पांच मुख)
रंग सुनहरा पीतल (प्राकृतिक)
वज़न 500 ग्राम (लगभग)
खत्म करना हाथ से पॉलिश
प्रयोग घर का मंदिर, पूजा, कार्यालय, उपहार
शक्ति-संचार वैदिक मंत्रों से पूर्व-अभिषिक्त
पैकेज में शामिल है 1 पीतल की मूर्ति + पूजा विधि

🎁 हर अवसर के लिए उत्तम उपहार

पंचमुखी हनुमान की पीतल की मूर्ति एक सार्थक और शुभ उपहार है:

  • गृह प्रवेश समारोह (गृह प्रवेश)
  • दिवाली, हनुमान जयंती, रामनवमी त्यौहार
  • विवाह और वर्षगांठ
  • कार्यालयों का उद्घाटन और व्यवसायों का शुभारंभ
  • जन्मदिन और विशेष अवसरों पर
  • आध्यात्मिक सभाओं के लिए उपहार लौटाएँ

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (प्रश्न और उत्तर)

प्रश्न 1: घर में पंचमुखी हनुमान की मूर्ति रखने के मुख्य लाभ क्या हैं?

ए: पंचमुखी हनुमान की मूर्ति नकारात्मक ऊर्जाओं, बुरी आत्माओं, काले जादू और शत्रुओं से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करती है। यह सभी बाधाओं को दूर करती है, साहस और शक्ति प्रदान करती है, कार्यों में सफलता सुनिश्चित करती है, समृद्धि लाती है, बुद्धि बढ़ाती है, स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है और परिवार में शांति और सद्भाव लाती है।

प्रश्न 2: मुझे पंचमुखी हनुमान की मूर्ति किस दिशा में रखनी चाहिए?

उत्तर: आदर्श स्थान आपके घर के मंदिर या पूजा कक्ष के पूर्व या उत्तरपूर्व कोने में है, जहां मूर्ति का मुख दक्षिण दिशा की ओर हो। वास्तु के अनुसार यह स्थान सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को अधिकतम करता है। कार्यालयों के लिए, व्यापारिक सुरक्षा के लिए प्रवेश द्वार के पास अंदर की ओर मुख करके रखें।

प्रश्न 3: पंचमुखी हनुमान की मूर्ति स्थापित करने के लिए सबसे अच्छा दिन कौन सा है?

उत्तर: मंगलवार (मंगलवार) सबसे शुभ दिन है क्योंकि यह भगवान हनुमान को समर्पित है। शनिवार (शनिवार) भी अत्यंत शुभ होता है। अधिकतम लाभ के लिए उचित पूजा-अर्चना करने के बाद सूर्योदय या सूर्यास्त के समय स्थापना करें।

प्रश्न 4: मैं प्रतिदिन पंचमुखी हनुमान की पूजा कैसे करूं?

उत्तर: दैनिक पूजा में मूर्ति की सफाई, घी का दीपक जलाना, लाल फूल और सिंदूर अर्पित करना, 108 बार "ॐ हनुमते नमः" का जाप करना या हनुमान चालीसा का पाठ करना, प्रसाद (लड्डू या गुड़) अर्पित करना और आरती करना शामिल है। मंगलवार और शनिवार को विशेष प्रार्थना करें और सुंदरकांड पढ़ें।

प्रश्न 5: क्या मैं पंचमुखी हनुमान की मूर्ति को बेडरूम में रख सकता हूँ?

उत्तर: हालांकि यह जायज़ है, परंपरागत रूप से मूर्ति को शयनकक्ष के बजाय पूजा कक्ष, बैठक कक्ष या किसी विशेष पूजा स्थल में रखना उचित माना जाता है। यदि आपको इसे शयनकक्ष में रखना ही है, तो इसे पूर्व या दक्षिण दिशा की दीवार पर रखें, रात में इसे ढक कर रखें और स्वच्छता एवं सम्मान बनाए रखें।

प्रश्न 6: पंचमुखी हनुमान के लिए मुझे कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए?

उ: प्राथमिक मंत्र "ओम हनुमते नमः" (ॐ हनुमते नमः) है। पूर्ण सुरक्षा और आशीर्वाद के लिए आप शक्तिशाली पंचमुखी हनुमान कवचम , हनुमान चालीसा , या "ओम अंजनेय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत प्रचोदयात्" का जाप भी कर सकते हैं।

प्रश्न 7: क्या पंचमुखी हनुमान काले जादू और बुरी नजर से रक्षा करते हैं?

उ: बिलकुल! पंचमुखी हनुमान को काला जादू, बुरी आत्माओं, नकारात्मक ऊर्जाओं और बुरी नज़र से सुरक्षा प्रदान करने वाला सबसे शक्तिशाली देवता माना जाता है। विशेष रूप से गरुड़ का मुख काला जादू और अलौकिक खतरों के सभी रूपों को नष्ट करता है। नियमित पूजा से दिव्य सुरक्षा का अभेद्य कवच प्राप्त होता है।

प्रश्न 8: मैं पीतल की मूर्ति को कैसे साफ और रखरखाव करूं?

ए: सप्ताह में एक बार मुलायम सूती कपड़े से साफ करें। गहरी सफाई के लिए, नींबू के रस और बेकिंग सोडा का पेस्ट इस्तेमाल करें, हल्के हाथों से रगड़ें, पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें। चमक बनाए रखने के लिए महीने में एक बार नारियल तेल या पीतल पॉलिश लगाएं। कठोर रसायनों का इस्तेमाल न करें और हमेशा साफ हाथों से और सावधानीपूर्वक सफाई करें।

प्रश्न9: क्या महिलाएं मासिक धर्म के दौरान पंचमुखी हनुमान की पूजा कर सकती हैं?

जी हां, महिलाएं पंचमुखी हनुमान जी की पूजा कभी भी कर सकती हैं। भगवान हनुमान ब्रह्मचारी देवता हैं और इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, कुछ पारंपरिक परिवार कुछ रीति-रिवाजों का पालन करते हैं – अंततः, भक्ति और आस्था ही सर्वोपरि हैं। मनन पूजा और मंत्रोच्चार हमेशा मान्य हैं।

प्रश्न10: पंचमुखी हनुमान को कौन सा प्रसाद पसंद है?

उत्तर: भगवान हनुमान को लाल फूल (विशेषकर गुड़हल), सिंदूर, चमेली का तेल, पान के पत्ते और सुपारी, और लड्डू, गुड़ और केले जैसी मिठाइयाँ बहुत प्रिय हैं। मंगलवार और शनिवार को चना दाल और गुड़ के लड्डू सहित विशेष भोग लगाएं और भक्तों को प्रसाद वितरित करें।

प्रश्न 11: क्या यह मूर्ति करियर और व्यवसाय में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद करेगी?

जी हाँ! पंचमुखी हनुमान जी करियर, व्यापार, शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन में आने वाली सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने में अत्यंत शक्तिशाली हैं। विशेष रूप से वराह मुख समृद्धि लाता है और व्यापार संबंधी रुकावटों को दूर करता है। नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक पूजा करने से सफलता, नए अवसर और सभी कार्यों में विजय प्राप्त होती है।

प्रश्न 12: क्या यह मूर्ति उपहार देने के लिए उपयुक्त है?

ए: बिलकुल! पंचमुखी हनुमान की पीतल की मूर्ति गृहप्रवेश, विवाह, त्योहारों (दिवाली, हनुमान जयंती), कार्यालय उद्घाटन, जन्मदिन और किसी भी विशेष अवसर के लिए सबसे शुभ और सार्थक उपहारों में से एक है। यह आपके प्रियजनों को सुरक्षा, समृद्धि और दिव्य कृपा का आशीर्वाद प्रदान करती है।

प्रश्न 13: पंचमुखी हनुमान की पूजा करने से परिणाम देखने में कितना समय लगता है?

उत्तर: परिणाम व्यक्ति के कर्म और भक्ति पर निर्भर करते हैं। कई भक्तों को तत्काल शांति, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। बाधाओं को दूर करने या सफलता जैसी विशिष्ट मनोकामनाओं के लिए, 40-90 दिनों तक निरंतर श्रद्धापूर्वक पूजा करने से आमतौर पर प्रत्यक्ष परिणाम मिलते हैं। भगवान हनुमान सच्चे भक्तों को शीघ्र आशीर्वाद देने के लिए जाने जाते हैं।

प्रश्न 14: क्या मैं पंचमुखी हनुमान के साथ कई देवी-देवताओं की मूर्तियाँ एक साथ रख सकता हूँ?

जी हां, आप पंचमुखी हनुमान जी को भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, भगवान गणेश, देवी दुर्गा और भगवान शिव जैसे अन्य देवताओं के साथ रख सकते हैं। दरअसल, हनुमान जी भगवान राम के भक्त हैं, इसलिए इन सभी को एक साथ रखना अत्यंत शुभ होता है। ध्यान रखें कि सभी मूर्तियां सम्मानपूर्वक और समान ऊंचाई पर रखी हों।

प्रश्न 15: पंचमुखी हनुमान के पांच चेहरों का क्या महत्व है?

ए: प्रत्येक मुख एक अलग दिव्य शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है: हनुमान (पूर्व) साहस और शक्ति के लिए, नरसिम्हा (दक्षिण) शत्रुओं और भय के नाश के लिए, गरुड़ (पश्चिम) काले जादू से सुरक्षा के लिए, वराह (उत्तर) समृद्धि और बाधाओं को दूर करने के लिए, और हयग्रीव (ऊपर की ओर) ज्ञान और बुद्धि के लिए। ये सभी मिलकर पूर्ण दिव्य सुरक्षा और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

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भगवान पंचमुखी हनुमान जी की दिव्य सुरक्षा और आशीर्वाद को अपने घर ले आइए। रामकार्ट से आज ही अपनी प्रीमियम पीतल की मूर्ति ऑर्डर करें और सभी नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण सुरक्षा, सभी कार्यों में सफलता और शक्तिशाली हनुमान जी की कृपा का अनुभव करें।

पूरे भारत में मुफ़्त शिपिंग | प्रीमियम पीतल | पूर्व-ऊर्जापित | पूजा विधि शामिल

🙏 जय हनुमान: यह पवित्र प्रतिमा एक शक्तिशाली आध्यात्मिक साधन है। श्रद्धापूर्वक पूजा करें, पवित्रता बनाए रखें और भगवान हनुमान में अटूट आस्था रखें। बजरंग बली आपको जीवन के सभी पहलुओं में शक्ति, साहस और विजय प्रदान करें।

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